
हमीरपुर, 6 जनवरी : उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड ने शनिवार को जिला मुख्यालय के एक दिवसीय दौरे के दौरान पुलिस मैदान में एक से श्रेष्ठ के 500वें केंद्र के कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में शिरकत करते हुए उन्होंने विशाल जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से मेरा सबसे पहले लगाव प्रदेश से है। 1990 में हुआ जब मैं केंद्र में मंत्री था। मेरा परम सौभाग्य था प्रेम कुमार धूमल के साथ में संसद सदस्य था। उनके अनुरोध पर उनकी पहल पर धर्मशाला में पहली फ्लाइट का शुभारंभ करने का सौभाग्य मुङो मिला। तब शांता कुमार यहां के मुख्यमंत्री थे और धूमल सांसद थे। तब से लेकर आज तक इस परिवार से मेरा जीवंत नाता रहा है पर इस नाते को बहुत गहराई तक अनुराग ले गए हैं। धनखड़ ने कहा कि मुङो वह जमाना याद है और धूमल साहब को भी याद है 90 के दशक में देश की क्या हालत थी? बाद में क्या हुई है पर पिछले एक दशक में जो काम हुआ है, वह सबसे बड़ा नारी शक्ति को एक स्वरूप देने का हुआ है। तीन दशक से कोशिश होती रही, पर पार नहीं पड़ी पर सितंबर का महीना, पार्लियामेंट का नया भवन, स्पेशल सेशन और पूरे देश में लोकसभा और विधानसभाओं में माताओं और बहनों को आरक्षण मिला। यह बहुत बड़े बदलाव का केंद्र है। धनखड़ ने कहा कि आज के दिन जो बातें हमको रोकती थीं, जिन बातों से हम परेशान थे भाई-भतीजावाद, भ्रष्टाचार, कानून के सामने समानता नहीं होना, यह बड़े खतरे की घंटियां थीं। कुछ लोगों के मन में विचार आ जाता था – कानून हमारा क्या करेगा? हम तो कानून से ऊपर हैं। अब कानून से ऊपर कोई हो जाएगा तो आप और हम प्रजातंत्र का फायदा कैसे उठाएंगे? कानून के सामने सबको झुकना पड़ेगा। यही प्रजातांत्रिक व्यवस्था का मूल है और आज के दिन इस देश में यह पूरी तरह से लागू हुआ है। आज के दिन इस देश में पूरी तरह से पारिदर्शता है, उत्तरदायित्व है, सबको समान अवसर मिल रहे हैं और मेरिट को मिल रहे हैं। आपको मैं बताना चाहता हूं आप थोड़ा अंदाजा लगाइए, आपको अपनी प्रतिभा चमकाने का हर सुअवसर आज की व्यवस्था में मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जब से उपराष्ट्रपति बना हूं, राज्यसभा का सभापति बना हूं, कोई सत्र ऐसा नहीं गया है जब मुङो हिमाचल प्रदेश के बच्चे-बच्चियों का स्वागत करने का सौभाग्य न मिला हो, उनसे मेरी चर्चा हुई है, और मेरे घर में सबसे ज्यादा टोपी कहीं से हैं तो वह हिमाचल से है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अनुराग एक संस्कृत का नाम है और अनुराग का मतलब है प्रेम और भक्ति प्रेम भी है, भक्ति भी है, संकल्प भी है। आज का दिन मेरे लिए सदा याद रहने वाला है। क्रि केट के जगत में क्रि केट के महाकुंभ कारने का सौभाग्य इनको मिला है, पर कभी मैंने एक सेंचुरी देखी है, दो सेंचुरी देखी हैं, तीन सेंचुरी देखी हैं.. 5 सेंचुरी मैंने यहीं देखी हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं हमीरपुर पहुंचा, पहुंचते ही यहां एक नारा गूंजा भारत माता की जय । सोचिये पिछले 48 घंटे में क्या हुआ है, समुद्र में एक विदेशी जहाज को हाईजैक कर लिया गया। उसमें हमारे भारतीय थे। उन भारतीयों को छुड़वाने के लिए हमारी नेवी का वॉरशिप गया, सफलतापूर्वक उनको भी छुड़ाया औरों को भी छुड़ाया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन लोगों ने सबसे पहले कहा भारत माता की जय। समुद्र के बीच उनको लगा देश का नेतृत्व है जो चार-चार नेवी की वॉरशिप को उनको बचाने के लिए तुरंत भेजा गया और सफलता से बचाया। यह बदलता हुआ भारत है। जब मैं आपको देखता हूं, आपकी उपिस्थति में देखता हूं तो.. मुङो पिछले कल भी एक सौभाग्य मिला, देशभर से एनसीसी के छात्र-छात्रएं आए हुए थे और लेफ्टिनेंट जनरल ने मुङो बताया कि एनसीसी में लड़कियों की तादाद 39 प्रतिशत है। कहां से हम कहां पहुंच गए। उन्होंने कहा कि आज हमारी बेटियां सेना में भी पायलट हैं व एयरफोर्स में भी पायलट हैं और चंद्रयान के मामले में तो एक बहन को राकेट वूमेन कहा जाता है और वह दिन याद कीजिए देश के इतिहास में पहली बार किसी ने कल्पना नहीं की थी कि देश की प्रथम नागरिक, देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बनेंगी। किस वर्ग से आती है ट्राइबल वर्ग से आती हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि मेरा आप लोगों से यही कहना है कि यह जो प्रोग्राम है ‘एक से श्रेष्ठ’ यह मानव की शक्ति को सकारात्मक रूप देने के लिए है। दुनिया में बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र यह है कि हर मानव को अपनी प्रतिभा चमकाने का अच्छा अवसर मिले। क्या था पहले? महिलाएं चूल्हे के अंदर आंसू बहाती थीं। अब 10 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन दे दिया गया। मैं इसको दूसरी दृष्टि से देखता हूं। जब आप एक महिला को मजबूत करते हो तब आप एक व्यक्ति को मजबूत नहीं करते, एक परिवार को मजबूत नहीं करते, आप एक समाज को मजबूत करते हो। आप अगली पीढ़ी को तैयार करते हो देश की भविष्य का निर्माण करते हो। जो कार्यक्र म अनुराग ने किए हैं स्वास्थ्य, शिक्षा का उत्थान, भारत दर्शन, खेलों में ध्यान देना इसलिए मैं इनको धन्यवाद तो देता ही हूं, यह साधुवाद के पात्न हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज मुङो कोई शंका नहीं है कि आज भारत की यात्र बहुत ऊपर चली गई है। आज वो भारत नहीं है जो दुर्बल था, आज हम दुनिया की महाशक्ति हैं हमने इंग्लैंड, कनाडा व फ्रांस को पीछे छोड़ा है और हम पांचवी महाशक्ति बन गए हैं। उन्होंने कहा कि यह आपकी बदौलत है, आपकी प्रयास की वजह से है और कुछ ही साल बाकी हैं, 5-6 साल में हम जापान और जर्मनी को भी पीछे छोड़ देंगे। जिन देशों की तरफ हम देखते थे कि क्या कभी हमारे देश में भी ऐसा होगा, वह देश देखते हैं आज भारत में आकर कि क्या हमारे देश में भी ऐसा होगा कितना बड़ा बदलाव है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक साल में देख लो क्या-क्या नहीं हुआ है? एक साल में चांद पर हम पहुंच गए, एक साल में ही विक्र ांत समुद्र में उतार दिया है- भारत में निर्मित, हवाई जहाज तेजस भारत में बन गया, हेलीकॉप्टर बन गया, पिछले साल ही विश्व का बड़ा – वन ऑफ द बिगेस्ट टोप 10, भारत मंडपम हो गए, यशोभूमि हो गया। और कितने लोगों को जीवन में बदलाव करने के लिए सहायता उपलब्ध की गई है। अंत में सिर्फयही कहूंगा हमारी पहचान भारतीयता है। इसमें कोई शक नहीं है कि भारत हमारे लिए सर्वोपरि है।
धनखड ने कहा कि मुझे यहां आकर बहुत प्रसन्नता हुई है पर मेरे से भी ज्यादा प्रसन्नता मेरी धर्मपत्नी को हुई है। इनका लगाव बच्चों के विकास में है और यह अनुराग ठाकुर को अब छोड़ेंगी नहीं। इनको बहुत होमवर्क देंगे।
