
हमीरपुर। समाहर्ता एवं उप पंजीयक कार्यालय धर्मशाला की ओर से केसीसी बैंक शाखा के पांच करोड़ के बड़े ऋण की उगाही की गई है। यह ऋण हमीरपुर शहर की एक प्रतिष्ठित मॉल की मालकिन महिला की ओर से लिया गया था। ऋण लेने के बाद से महिला ने ऋण की किस्तें अदा नहीं की थीं। दो साल से ऋण की उगाही का मामला बैंक में चल रहा है। दो साल से मामले में लोन उगाही के प्रयास सहकारिता विभाग की ओर से किए जा रहे थे। सहकारिता विभाग दो साल तक मध्यस्थता करता रहा लेकिन ऋण की उगाही नहीं हुई। इसके बाद बैंक की ओर से सहकारिता विभाग समाहर्ता एवं उप पंजीयक कार्यालय धर्मशाला को अक्तूबर 2023 में ऋण की रिकवरी के लिए लिखित तौर पर आवेदन किया था। इसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू हुई।
कांगड़ा सहकारी बैंक शाखा हमीरपुर में ऋण की एक भी किस्त बैंक में जमा नहीं करवाई गई थी। डिफॉल्टर को विभाग की ओर से चार से पांच बार नोटिस जारी किए गए। जिस महिला के नाम पर यह ऋण था, वह पेशी में नहीं आ रही थी, लेकिन गारंटर (जमानतदाता) विभाग के समक्ष पेश हो रहे थे। ऋण की उगाही न होने पर विभाग ने भू राजस्व अधिनियम 1954 का हवाला देकर जल्द ऋण वापसी का अल्टीमेटम दिया। डिफॉल्टर महिला सहित गारंटर पति और पिता की जमीन को कुर्क करने के लिए विभाग ने जमीन को चिह्नित करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली थी। जिसके बाद एक मुश्त ऋण निपटान योजना के तहत ब्याज माफी के तहत तीन करोड़ के करीब ऋण महिला की ओर से वापस किया गया है। यह राशि कांगड़ा सहकारी बैंक की शाखा हमीरपुर में जमा करवा दी गई है।
समाहर्ता एवं उप पंजीयक कार्यालय धर्मशाला प्रत्यूष चौहान ने कहा कि महिला ऋणदाता की ओर से ऋण अदा नहीं किया जा रहा है। बैंक से शिकायत मिलने के बाद मामले में कार्रवाई की गई है। गारंटर विभाग की चार से पांच पेशी में हाजिर हुए। इसके बाद एक मुश्त ऋण निपटान योजना के तहत पांच करोड़ के इस ऋण की उगाही हुई। योजना के तहत ऋण दाता को ब्याज माफ किया गया है।
