एक्शन मोड में शिमला पुलिस, हेलीकॉप्टर कंपनियों के दफ्तरों का सर्च वारंट

राज्यसभा की एक सीट पर हुए चुनाव में विधायकों की कथित खरीद फरोख्त को लेकर भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत दर्ज मामले की तफ्तीश में जुटी शिमला पुलिस उन हेलीकॉप्टर कम्पनियों के दफ्तरों में दबिश देने की तैयारी कर रही है, जिनमें बागी हुए कांग्रेस के छह पूर्व विधायकों और तीन पूर्व निर्दलीय विधायकों ने उड़ान भरी थी। दरअसल, पुलिस ने हैलीकॉप्टर कंपनियों के सर्च वारंट हासिल कर लिए है।

निचली अदालत से शिमला पुलिस ने हेलीकाप्टर कंपनियों को सी.आर.पी.सी. 93 के तहत नोटिस जारी करने की मांग की थी अब शिमला पुलिस को सर्च वारंट मिल गए है। हेलीकॉप्टर द्वारा लाए व ले जाने में हुए भारी-भरकम खर्चों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने यह सर्च वारंट निकाले है, क्योंकि हेलीकॉप्टर कंपनियों के खर्चों संबंधी कई सबूत पुलिस ने जुटाए है, जबकि एक फार्मा कंपनी द्वारा इनके होटल में ठहरने के खर्चों का भी खुलासा हुआ है।

 171ई और 171सी, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 8 के तहत मामला दर्ज करवाया है। मामले के अनुसार राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस के पूर्व छह बागी सहित तीन पूर्व निर्दलीय विधायक भी हैलीकॉप्टरों के माध्यम से आए और गए तथा करीब दो हफ्ते तक पंचकूला के एक होटल में ठहरे। इसके बाद ऋषिकेश गए। ऋषिकेश से गुडग़ांव पहुंचे। पुलिस को एक फार्मा कंपनी द्वारा इनके होटलों के बिलों के भुगतान का पता चला है और कंपनी को भी कोर्ट से समन भेजा जा रहा है, जबकि हैलीकॉप्टर के खर्च और देहरादून में होटलों के बिलों की अदायगी का मामले में पुलिस ने अब सर्च वारंट हासिल कर लिया है। 

पुलिस इस मामले में अभी तक हरियाणा के पूर्व सी.एम. मनोहर लाल खट्टर के प्रचार सलाहकार तरूण भंडारी, चैतन्य शर्मा, विधायक आशीष शर्मा, पूर्व आईएएस राकेश शर्मा से पूछताछ कर चुकी है।

हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र के दौरान 27 फरवरी 2024 को राज्यसभा सांसद के चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस के छह पूर्व विधायकों के बागी होने का मामला सामने आया था। कांग्रेस के तत्कालीन छह विधायकों व निर्दलीय पूर्व तीन विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोटिंग की थी। इसका नतीजा यह निकला कि पूर्ण बहुमत के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी चुनाव हार गए और भाजपा प्रत्याशी हर्ष महाजन राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गए।

कांग्रेस के विधायक संजय अवस्थी और भुवनेश्वर गौड़ द्वारा 10 मार्च को बालूगंज थाने में पूर्व विधायक आशीष शर्मा और पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा के पिता सेवानिवृत्त आई.ए.एस. अधिकारी राकेश शर्मा के खिलाफ भादंसं 171ई और 171सी, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 व 8 के तहत मामला दर्ज करवाया गया था। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने सरकार को गिराने के लिए षड्यंत्र रचा। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद कांग्रेस के बागी 6 और पूर्व निर्दलीय 3 विधायक करीब एक माह तक प्रदेश से बाहर रहे थे।

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