दफ्तरों में ड्यूटी दे रहे एचआरटीसी कर्मियों पर गिरेगी गाज, दोबारा देना होगा मेडिकल सर्टिफिकेट, स्वास्थ्य विभाग को स्पेशल बोर्ड बिठाने के लिए लिखेगा निगम, करीब 600 से ज्यादा कर्मी कर रहे दूसरा काम, डिप्टी सीएम की घोषणा से चालक-परिचालक खुश
अपने पदनाम के मुताबिक काम न करके दफतरों में या फिर पैट्रोल पंप व टिकट घर में डयूटियां देने वाले कर्मचारियों पर अब गाज गिरने वाली है। इन सभी को एक बार फिर से अपना मेडिकल सर्टिफिकेट देना होगा क्योंकि इसे लेकर सवाल खड़ा हो गया है। बार-बार चालक व परिचालकों की तरफ से यह मांग की जा रही थी कि जो लोग अपने पदनाम के मुताबिक काम नहीं कर रहे हैं उनको उनकी डयूटी पर लगाया जाए। इस मांग पर पहले इतनी गंभीरता नहीं दिखाई गई मगर अब खुद उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने इसे लेकर एलान कर दिया है। इसके बाद एचआरटीसी का प्रबंधन भी हरकत में आया है और इस सप्ताह वह फील्ड से ऐसे कर्मचारियों का पूरा डाटा मांगेगा। सूत्रों के अनुसार इस संबंध में निर्देश दिए जा चुके हैं और एमडी को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। एचआरटीसी में ऐसे कई कर्मचारी हैं जो जिस पद पर भर्ती किए गए थे वो काम नहीं कर रहे हैं। सभी डिपुओं में ऐसे कर्मचारी हैं जिनको लेकर बार-बार शिकायतें आ रही हैं। एचआरटीसी ने कुछ लोग जो वाकई में मजबूर हैं उनको भी पहले से चिन्हित कर रखा है मगर कई ऐसे कर्मचारी हैं जिन्होंने मेडिकल सर्टिफिकेट दिया जरूर है मगर उसपर खरे नहीं उतरते हैं। ऐसे में दोबारा से उनका मेडिकल करवाने की तैयारी हो रही है। इन सभी से मेडिकल सर्टिफिकेट दोबारा मांगा जाएगा और विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से सिफारिश की जाएगी।
