हमीरपुर जिला के चैरिटेबल हॉस्पिटल के बंद होने को लेकर धरना प्रदर्शन लोगों की ओर से किया गया। लोगों ने शिमला हाईवे को 4 घंटे तक जाम रखा। उन्होंने मांग उठाई है कि जल्द से जल्द अस्पताल से संबंधित सरकार फैसला ले नहीं तो आंदोलन उग्र कर दिया जाएगा।
बड़सर, व जाहू में भी धरना प्रदर्शन किए गए। एएसपी राजेश कुमार ने कहा है कि स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है और जो लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं उनके खिलाफ मामले दर्ज किया जा रहे हैं क्योंकि यातायात बाधित नहीं किया जा सकता।
बड़सर में भी भोटा में स्थित राधास्वामी सत्संग ब्यास चैरिटेबल अस्पताल को बंद करने के निर्णय के विरोध में स्थानीय जनता ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने धरने में भाग लेते हुए जनता का समर्थन किया और कहा कि वह इस लड़ाई में पूरी तरह से जनता के साथ हैं।
विधायक ने सरकार को दी चेतावनी।
यदि सरकार ने दो दिन के भीतर इस अस्पताल को बंद करने के निर्णय को वापस नहीं लिया, तो मैं आम जनता के साथ भूख हड़ताल शुरू करूंगा।
वहीं सुलगवान में राधा स्वामी अस्पताल को लेकर धरना प्रदर्श किया व जाहू कलखर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर चका जाम किया। प्रदेश भाजपा – सचिव, संस्थापक एवं अध्यक्ष भारत मजदूर किसान संगठन के अध्यक्ष, श्री गुरू रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय प्रवक्ता दिनेश भाटिया ने बताया कि सन् 1999 से खुला राधा स्वामी सत्संग व्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा क्षेत्र की करीब 75 पंचायतों की 30 हजार लोगों को बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का कार्य कर रहा है। इससे हजारों लोगों अभी तक स्वास्थ्य सुविधा से लाभान्वित हो चुके हैं। व्यास प्रबंधन लोगों की बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए 45 बैड वाले इस अस्पताल को अपग्रेड करने की योजना के तहत जमीन को महाराज जगत सिंह रिलीफ सोसायटी के नाम हस्तांतरित करवाना चाहता है तथा इसकी सरकार से मांग की गई है। इस मांग के बावजूद प्रदेश सरकार व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अभी तक उदासीन रवैए अपनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस बावत जिलाधीश हमीरपुर को भी ज्ञापन देकर अवगत करवाया जा चुका है और अब पंचायती राज संस्थाओं के साथ स्थानीय लोगों के गुस्सा बढ़ता जा रहा है।