अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति-किसानों के सर्वत्र विकास और सशक्तिकरण के लिए आजीविका और उद्यमिता विकल्प बढ़ाने” के उद्देश्य से
आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नई दिल्ली द्वारा एवं आईसीएआर आईजीएफ आरआई, आईसीएआर- डीआरएमआर, आईसीएआर-आईआईएमआर, सीएसआईआर-आईएचबीटी, यूबीए, आरसीएफसी एनएमपीबी और आईआईसी के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि प्रदेश चेयरमैन राजीव राणा असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) हिमाचल प्रदेश, निवर्तमान सचिव हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी राजीव राणा ने शिरकत की।
राजीव राणा प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को अपने सम्बोधन से पहले देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व डॉ मनमोहन सिंह , को श्रद्धांजलि दी,और जय जवान, जय किसान के नारे के साथ कैरियर प्वाइंट यूनिवर्सिटी को कार्यक्रम के लिये सराहा और कहा कि केंद्रीय योजनाओं के आलावा प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा किसानों के लिए कई बेहतरीन योजनाओं को लागू किया है,प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 13 करोड़ रुपये का बजट रखा है. इस योजना के तहत, प्रदेश के 9.61 लाख किसान परिवारों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, इसके अलावा हिम उन्नति योजना,राज्य कृषि यंत्रिकरण कार्यक्रम,प्रवाह सिंचाई योजना,प्राकृतिक खेती खुशहाल योजना,मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन सरंक्षण योजना (बाड़ बंदी),किसान खेतिहर मज़दूर जीवन सुरक्षा योजना,फसल विविधकरण प्रोत्साहान योजना,को चलाकर किसानों का भविष्य उज्वल किया है,प्रदेश में दूध पर एमएसपी लागू करने वाला पहला राज्य बना, वहीं सरकार किसानों से दूध 71 ₹ ले रही है, वर्मी कमपोस्ट, उर्वरक खाद के लिए 300 ₹ क्विंटल दर से भुकतान कर रही है,वहीं कृषि अनुसंधान केंद्र से आये वैज्ञानिक ने भी किसानो को कृषि को बेहतरीन तरिके से करने के टिप्स बताये। चेयरमैन राजीव राणा द्वारा भोरंज विधानसभा क्षेत्र के लगभग 2000 किसान परिवारों को क़ृषि उपकरण व बीज बाँटे गये।
