टौणी देवी के अस्पताल चौक पर नेशनल हाइवे नंबर तीन के लिए अधिग्रहित जमीन की फिर से डिमार्केशन होगी । इसके बाद उन भू मालिकों की दुकानों और भवनों पर पीला पंजा चलेगा जिन्हें अधिग्रहित जमीन का मुआवजा तो मिल चुका है लेकिन कब्जे नहीं छोड़े जा रहे हैं। टौणी देवी के अस्पताल चौक में डीएवी स्कूल और मोक्षधाम जाने वाले रास्ते को लेकर उठे विवाद तथा स्थानीय लोगों द्वारा चक्का जाम की चेतावनी देने के बाद नेशनल हाइवे निर्माण कंपनी , मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी तथा भू अधिग्रहण अधिकारी मिलकर यह कार्यवाही अंजाम देंगे। लोगों ने आरोप लगाया था कि पहले तो भारत सरकार की पोस्टल डिपार्टमेंट की अलॉट जमीन पर कब्जा करने की कोशिश हुई फिर दूसरी तरफ मुआवजा मिलने के बावजूद कब्जे नहीं छोड़े जा रहे हैं। टौणी देवी के अस्पताल चौक पर छोटे दुकानदारों को डराया धमकाया जा रहा है जबकि प्रभाव शाली लोगों की दुकानों को बचाया जा रहा है।
इस बारे ग्राम पंचायत टापरे के प्रधान दिवान चंद , स्थानीय दुकानदारों सुशील कुमार , रवि राणा , महिला मंडल टपरे की पूरी कार्यकारिणी , डीएवी स्कूल के प्रिंसिपल महेन्द्र सिंह डोगरा इत्यादि ने बताया कि टौणी देवी के अस्पताल चौक में डी पी आर के तहत नेशनल हाइवे नहीं बन रहा हैं। यहां सड़क की चौड़ाई भी निर्धारित मापदंड के अनुरूप नहीं हैं। स्कूल और श्मशान घाट को जाने वाले रास्तों पर बाधाएं खड़ी कर दी गई है।
इस बारे नेशनल हाइवे इंजीनियर अकिंत सिंह ने बताया कि दो दिन में रास्ते की समस्या हल कर दी जाएगी। दो दिन में डिमार्केशन करवा अधिग्रहित जमीनों से कब्जे हटा दिए जायेंगे।
