प्रदेश में बिजली की नई दरें जारी हो गई हैं। राज्य में उपभोक्ताओं की ओर से भुगतान किए जाने वाले स्थिर/मांग शुल्क में कोई वृद्धि या कमी नहीं की गई है।
हिमाचल प्रदेश में बिजली की नई दरें जारी हो गई हैं। राज्य में उपभोक्ताओं की ओर से भुगतान किए जाने वाले स्थिर/मांग शुल्क में कोई वृद्धि या कमी नहीं की गई है। सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए नई विद्युत दरें 1 अप्रैल 2025 से लागू होंगी। हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को जारी अपने आदेश के तहत राज्य विद्युत बोर्ड के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए टैरिफ, प्रभार युक्त टैरिफ जारी किया ह इसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 15 पैसे सस्ती बिजली मिलेगी। कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें 12 पैसे और छोटे व मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए 20 पैसे घटाई गई हैं। घरेलू उपभोक्ता को दी जाने वाली सब्सिडी पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
*126 यूनिट से अधिक खपत पर एक ही स्लैब होगा*
आयोग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एचपीएसईबीएल की 8403 करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) का अनुमान लगाया है। इन समायोजनों के बाद आयोग की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एचपीएसईबीएल के लिए आपूर्ति की औसत लागत 6.76 रुपये प्रति यूनिट होने का अनुमान लगाया गया है। वर्तमान में प्रचलित ऊर्जा दरों में विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के बीच तर्कसंगतीकरण के बाद घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 15 पैसे प्रति यूनिट की कमी की जाएगी। अधिकांश श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा दरों में कमी की गई है। राज्य में बिजली की खपत बढ़ाने के लिए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति माह 126 यूनिट से अधिक खपत वाले स्लैब को एक स्लैब में मिला दिया गया है। 20 केवीए तक के वाणिज्यिक इस्तेमाल की दरों में 12 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है। राज्य में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए बिजली की दर में 20 पैसे प्रति यूनिट की कमी की गई है।
