हमीरपुर, आए दिन विवादों में रहने वाले अटारी से लेह वाया टोनी देवी और आवाहदेवी होकर बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 03 के बेटरतीब निर्माण कार्य के दंश से हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री धूमल और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की पंचायत के लोग भी अछूते नहीं हैं। इस ग्राम पंचायत समीरपुर के लोग निर्माण अधीन कंपनी द्वारा गुणवत्ता को दरकिनार कर और बेतरतीब किए जा रहे हैं निर्माण कार्य को लेकर खौफ के साए में अपनी जिंदगी काट रहे हैं। पिछले करीब तीन वर्षों से चल रहे इस बेतरतीब और मनमर्जी के कार्य से लोग बेहद परेशान है। हैरानी इस बात की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माण अधीन कंपनी के अधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री धूमल और पूर्व बरिष्ठ केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की पंचायत के लोगों को भी बेवजह सताने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और निर्माण अधीन कंपनी के मनमर्जी और बेतरतीब निर्माण कार्य, कटिंग और मनमर्जी के चलते यहां के पंचायत प्रतिनिधि और लोग कई बार सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करवा चुके हैं परंतु इसका कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ सका है। सवाल यहां उठना है कि पूर्व मुख्यमंत्री धूमल और अनुराग सिंह ठाकुर के गृह पंचायत में ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और कंपनी के अधिकारियों को कोई खौफ नहीं है तो बाकी जगह क्या स्थिति होगी। समीरपुर पंचायत के प्रधान चंद्र मोहन सिंह ठाकुर ने कंपनी द्वारा करवाए जा रहे राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य को लेकर तीखे स्वर में कड़ी आलोचना दर्ज करवाई है। उन्होंने कहा कि कंपनी की गलत कार्य प्रणाली के कारण दर्जनों परिवार डर के साए में जीवन काट रहे हैं उनकी शुद्ध बुद्ध लेने के लिए कोई अधिकारी और प्रशासन सामने नहीं आया है। बेतरतीब कटिंग के कारण लोगों के रिहाईशी मकान खतरे की जद में है और स्थिति यह बन रही है कि लोग अपने ही क्षेत्र में प्रवासियों की तरह रहने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाए की जिन स्थानीय लोगों ने अपनी जमा पूंजी से अपने मकान की सुरक्षा के लिए रिटेनिंग वॉल लगवाई हैं उनकी पैमाइश और कंपनी के अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से करवा ली है। उन्होंने आशंका जताई है कि स्थानीय लोगों द्वारा अपने पैसों से लगवाई गई सेफ्टी दीवारों की भी पैमाइश करवा कर कंपनी सरकार से पैसे हड़पने के चक्कर में है। इसमें सभी की मिली भगत की आशंका है। उन्होंने दो टूक कहा कि वह पंचायत वासियों के हितों से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे और आगामी समय में वह लोगों के साथ सड़कों पर उतरकर विरोध जताएंगे। लोगों के हितों के लिए वह किसी भी सीमा को लांघ सकते हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा गुणवत्ता को दरकिनार कर लगाए गए दर्जन भर के करीब डंगे गिर चुके हैं परंतु कंपनी कोई भी सबक नहीं ले रही और लोगों की जान माल का नुकसान करने के लिए आतुर बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे इस राजमार्ग के निरीक्षण के लिए दिल्ली से आई टीम जिसमें कुछ महिलाएं भी शामिल थी, उन्होंने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता और लोगों को हो रही असुविधा के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की साइट इंजीनियर और कंपनी के अधिकारियों को खूब-खरी-कोटी सुनाइ। इस निरीक्षण टीम ने इस राजमार्ग के निर्माण कार्य और गुणवत्ता को लेकर आपत्ति दर्ज करवाई है।
