पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार हर चीज को बहुत हल्के में ले रही है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा गलत तरीके से रिजल्ट निकालना इसी नजरिए का परिणाम है। सरकार के इस कदम का बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, सरकार इस बारे में सोचती नहीं हैं। अंग्रेजी में पास होने के बाद भी फेल किए जाने से एक बच्ची ने जहर खा लिया। बिटिया तो बच गई, लेकिन पता चल रहा है कि आंतरिक रूप से बहुत से अंगों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की लापरवाही को मानवीय चूक समझ कर माफ नहीं किया जा सकता। परीक्षा के परिणाम युवाओं का भविष्य तय करते हैं। ऐसे में परीक्षा परिणाम को घोषित करने का काम इतने हल्के में कैसे लिया जा सकता है।
सरकार को इस अपराध की जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को बल्ह में आयोजित रानी अहिल्याबाई होलकर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान में भी भाग लिया। यहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व कार्य कर रही है। महिलाओं को पुरुषों के समानांतर अधिकार देकर आगे बढऩे का अवसर दिया जा रहा है। कोई भी क्षेत्र हो, वहां महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। राजनीति के बाद अब सेना में भी हमारी बहनें पूरी दुनिया के सामने रोल मॉडल बनकर उभरी हैं। ऑपरेशन सिंदूर में कैसे दो बहादुर सैन्य महिला अधिकारियों ने पल-पल की जानकारी हम सबके सामने रखी। यही बदलता भारत है, जो दुश्मनों को करारा जबाब देने के लिए सक्षम है। इस अवसर पर बल्ह भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी और दं्रग भाजपा विधायक पूर्ण चंद ठाकुर व अन्य लोग उपस्थित रहे।
यह है नए भारत की ताकत
जयराम ठाकुर ने इस दौरान पहलगाम की घटना के बाद भारतीय सेना द्वारा नौ आतंकी ठिकानों को तबाह करने के बाद पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर ब्रह्मोस मिसाइल की सफ़ लता को भी अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर नाम देकर दुनिया को दिखा दिया है कि हम हमारी बहनों का सिंदूर उजाडऩे वालों को किस कद्र तबाह कर सकते हैं, यह पलटवार उसकी एक बानगी मात्र था।
