राज्य की उचित मूल्य की दुकानों में अब नामी कंपनियों के प्रोडेक्ट भी विशेष छूट पर दिए जाएंगे। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने लोगों को अच्छे प्रोडक्ट मुहैया करवाने की पहल करते हुए कुछ नामी कंपनियों से करार किया है। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा से शुरू किया जा रहा है। जून महीने से राशन डिपुओं में नामी कंपनियों के ब्रांडेड प्रोडक्ट मिलने शुरू हो जाएंगे। इसके लिए महकमे ने डाबर और बजाज जैसी बड़ी एवं नामी कंपनियों के साथ एमओयू साइन किया है। करार के अनुसार कंपनियों ने 180 उत्पादों की लिस्ट को डिपुओं में बेचने के लिए दिया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रदेश के सबसे बड़े जिले से शुरू होने जा रहे इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद प्रदेश भर के अन्य जिलों में चल रहे डिपुओं में ऐसी व्यवस्था की जाएगी। इन उत्पादों में हल्दी ड्रॉप्स, तुलसी ड्रॉप्स, अश्वगंधा, फेशियल किट, कॉकोनट ऑयल, गिलॉय, तुलसी जूस, फ्लॉर क्लीनर, कॉकोनट वाटर, हाजमोला, जन्म घुट्टी, कॉल्ड क्रीम, टूथ पेस्ट, ग्लूकोज, बॉडी टॉक तथा विभिन्न प्रकार के जूस समेत कुल 180 प्रोडक्ट शामिल हैं। हालांकि डिपो होल्डर की डिमांड के अनुसार ही कंपनी प्रोडक्ट डिपो को मुहैया करवाएगी। सरकार की इस पहल से ओपन मार्केट के तहत देश की नामी कंपनियां डायरेक्ट राशन डिपुओं में अपने प्रोडेक्ट सप्लाई कर सकेंगी।
अगले महीने सुविधा
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला नियंत्रक पुरुषोत्तम सिंह पंवार का कहना है कि बजाज और डॉबर कंपनी के साथ करार हो चुका है तथा संभावित जून माह तक कांगड़ा के डिपो में इन उत्पादों को भी बेचेंगे। इन उत्पादों में ग्राहकों को पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे लोगों को राशन डिपो पर भी ब्रांडेड उत्पाद मिल जाएंगे। कांगड़ा जिला में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जा रहा है। इसके बाद इस सेवा को पूरे प्रदेश में जारी किया जा सकता है।
पांच प्रतिशत डिस्काउंट
नामी कंपनियों के उत्पादों पर डिपो से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं को पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। कांगड़ा में करीब 1135 सस्ते राशन के डिपो हैं। इन डिपुओं के माध्यम से करीब पौने पांच लाख उपभोक्ताओं के लिए जून से यह उत्पाद मिलना शुरू हो जाएंगे। कांगड़ा जिला में सफल प्रयोग के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना बनाई गई है।