
विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने बुधवार को शहीद प्रवीण कुमार मेमोरियल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुलेहड़ा के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकांे और अभिभावकों को बधाई देते हुए इंद्र दत्त लखनपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी सरकारी स्कूलों में पर्याप्त संख्या में क्वालिफाइड शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं का प्रावधान भी कर रही है, जिससे इन स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिल रही है। इसलिए, बच्चों को महंगे स्कूलों के बजाय सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाया जाना चाहिए।
प्रदेश सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल की चर्चा करते हुए इंद्र दत्त लखनपाल ने कहा कि खराब आर्थिक स्थिति और सीमित संसाधनों के बावजूद मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू कई नई योजनाएं आरंभ कर रहे हैं। बरसात के सीजन में भीषण आपदा से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष आपदा राहत पैकेज जारी करके मुख्यमंत्री ने हजारों आपदा प्रभावित परिवारों को बहुत बड़ी राहत प्रदान की है। मनरेगा के माध्यम से भी पुनर्निर्माण कार्य करवाए जा रहे हैं। विधायक ने बताया कि मकानों के आस-पास क्षतिग्रस्त डंगों और दीवारों की मरम्मत के लिए भी मनरेगा के माध्यम से धनराशि का प्रावधान किया जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने पंचायत जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे राजनीति से ऊपर उठकर इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाएं।
उन्हांेने कहा कि बड़सर विधानसभा क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए गोविंदसागर से 137 करोड़ रुपये की उठाऊ पेयजल योजना का कार्य डेढ़ वर्ष के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। ढटवाल क्षेत्र की जनता की सुविधा के लिए बिझड़ी में मिनी सचिवालय का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य बड़ी परियोजनाओं के लिए भी धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।
कुलेहड़ा स्कूल में विभिन्न सुविधाओं की चर्चा करते हुए विधायक ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में यहां बड़े हॉल और मंच के निर्माण, मैदान की मरम्मत और अन्य कार्याें के लिए बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने स्कूल को अपनी ओर से ग्यारह हजार रुपये देने की घोषणा भी की। विधायक ने शैक्षणिक, खेलकूद, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।
