हिमाचल प्रदेश में
14 अप्रैल से ग्रर्मियों का सीजन शुरू हो गया है। जिसके चलते दमकल विभाग भी अर्लट पर है आए दिनों जंगलो में लग रही आग से वन्य जीव-जन्तु मर रहे है। और जंगलो में आग लगने से वायु प्रदुषण भी फैल रहा है। वही दमकल विभाग के प्रभारी राजिन्द चौधारी का कहना है कि हर वर्ष कितना नुकसान हो रहा है वर्ष 2018 में जनवरी माह से लेकर दिसम्बर माह तक 150 अगनि दुर्घटनाएं पाई गई थी, और जिसमें 12 रेसक्यू आप्रेशन किए गए थे। एक वर्ष में लगभग 1 करोड़ 33 लाख 84 हजार सम्पति का नुकसान हुआ था। साथ ही साथ उन्होने लगभग 19 करोड़ 70 लाख की सम्पति को बचाया भी गया। वर्ष 2019 में अग्रिशमन केन्द्र में 148 फायर कॉल दर्ज की गई थी। जिसमें 132 फायर कैस थे। जिसमें से 16 रेसक्यू किए गए। लगभग 1 करोड़ 66 लाख 8 हजार सम्पति का नुकसान हुआ था। साथ ही साथ अग्रिशमन विभाग के कर्मचारियों ने 33 करोड़ की सम्पति को बचाया भी गया। वर्ष 2020 में करोना काल के समय आग की दुर्घटनाओं का कम प्रभाव रहा। जिसमें कुल 58 फायर कॉल दर्ज की गई। जिसमें 48 फायर कैस पाए गए थे। जिसमें कि 97 लाख की सम्पति नुकसान हुआ था। 32 करोड़ की सम्पति को बचाया भी गया। वर्ष 2023 में जिसमें कुल 77 फायर कॉल दर्ज की गई और 60 फायर कैस पाए गए थे जिसमें से 17 रेसक्यू किए गए। 39 लाख सम्पति का नुकसान हुआ था। जिसमें 12 करोड़ की सम्पति को बचाया भी गया। वर्ष 2024 में जनवरीं से अब तक कुल 16 फायर कॉल दर्ज की गई और जिसमें से 4 रेसक्यू किए गए। 4 लाख 60 हजार की सम्पति का नुकसान हुआ था। जिसमें 1करोड़ 26 लाख की सम्पति को अभी तक बचाया गया है। वही अग्रिशमन विभाग के प्रभारी का कहना है कि जो भी जलनें वाले तरल पदार्थ हेै उनको घर से बाहर रखे। वन विभाग हमीरपुर के डीएफओ अंकित कुमार सिंह ने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए जगह-जगह पानी के पौंड्स ( तालाबों) का निर्माण भी किया गया है। जंगलों में लगने वाली आग को काबू करने के लिए वन विभाग सतर्क रहते हुए मुस्तैदी से काम करता है। हमीरपुर जिला के जंगलों में वन विभाग ने पानी के 29 जगहों पर तालाब बनाए हुए हैं। इनमें प्राकृतिक जल का संग्रह किया जाता है। इसके साथ ही जल शक्ति विभाग से भी तालमेल बनाकर रखा जाता है ताकि जरूरत पड़ने पर पाइप लाइन से भी इन तालाबों में पानी डालकर भरा जा सके।जिन स्थानों पर वनों को आग लगने की ज्यादा संभावना है, उन स्थानों पर इन पौंड्स का निर्माण किया गया है।नादौन क्षेत्र में रंगस,कांगू, टिल्लू, हमीरपुर के अघार झनियारा, बजूरी, कुठेड़ा,जसौर तथा बड़सर के बम्बलु, हरेटा व अन्य कई स्थानों पर जंगलों में पानी के पौंड्स बनाये गए हैं, यानी कि जिला के हर भाग में पौंड्स का निर्माण किया गया है ताकि किसी भी आगजनी की घटना की सूचना मिलते ही इन पौंड्स के पानी से आग पर तुरंत काबू पाया जा सके। इनके रखरखाव के लिए फंड्स भी आते रहते हैं। इस बार जब भी फंड आएगा इन तालाबों का फिर से रख-रखाब किया जाएगा।वनों की सुरक्षा के लिए वन विभाग दिन रात सतर्कता से काम करता है।
