सस्ते राशन के डिपुओं पर पहुँची राशन की सप्लाई पी ओ एस मशीनों में कनेक्टिविटी न होने की वजह से अभाव के नहीं हो पा रही एंट्री

खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों से सस्ते राशन के डिपुओं पर राशन आना शुरू हो गया है, लेकिन डिपुओं पर लगी मशीनों में विभाग द्वारा नेट की सुविधा न दिए जाने के कारण मशीनों में निगम द्वारा भेजे गए राशन की एंट्री ही नहीं हो पा रही है। डिपो धारकों ने उपभोक्ताओं की सुविधा के देखते हुए अपना पैसा खर्च करके निगम के गोदामों से राशन उठा लिया है और अपने उपभोक्ताओं को को सस्ता राशन उपलब्ध कराने के लिए डिपो पर बैठे हैं, लेकिन पी ओ एस मशीनों में नेट की सुविधा न होने के कारण डिपो संचालक अपने उपभोक्ताओं को राशन वितरित करने में असमर्थ हैं। प्रदेश डिपो संचालक समिति ने अपने स्थापना दिवस पर 14 अप्रैल को माननीय मुख्यमंत्री, सचिव खाद्य आपूर्ति विभाग व निदेशक खाद्य आपूर्ति विभाग को लिखित तौर पर इस समस्या से अवगत करवाकर 30 अप्रैल तक समस्या के समाधान हेतु अल्टीमेटम भी दिया था, लेकिन अभी तक इस पर न तो सरकार ने कोई कार्यवाही की और न ही विभाग ने। प्रदेश डिपो संचालक समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने ज़ारी ब्यान में कहा कि विभाग द्वारा जो पी ओ एस मशीनें डिपुओं पर लगाई गई हैं उनमें डाली गई सिम्में चार वर्ष से भी अधिक समय से बंद पड़ी हैं। समिति ने इसके बारे में कई बार सरकार व विभाग को अवगत करवाया, लेकिन सरकार व विभाग इस पर आज तक कोई भी कार्यवाही नहीं कर पाया कवि ने कहा कि सरकार व विभाग को अल्टीमेटम दिए करीब 17 दिन बीत चुके हैं अभी तक न तो इस पर कोई कार्यवाही की और न ही समिति के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया। राज्य अध्यक्ष ने कहा कि पिछले चार वर्षों से डिपो धारक विभाग द्वारा दिए जा रहे चार प्रतिशत कमीशन से प्रति माह बाई फाई पर चार सौ सत्र रुपए खर्च करके मशीनों में कनेक्टिविटी देकर उपभोक्ताओं को राशन वितरण का कार्य कर रहे थे, लेकिन अब प्रदेश के डिपो धारकों ने यह निर्णय लिया है कि जब तक विभाग द्वारा मशीनों में कनेक्टिविटी नहीं दी जाती तब तक तक डिपो संचालक अपने नेट से मशीनें नहीं चलाएंगे। अशोक कवि ने कहा कि जब कंपनी को टैंडर दिया गया था तो उसमें यह शर्त रखी गई थी कि मशीनों में कनेक्टिविटी कंपनी ही देगी। वावजूद इसके चार वर्षों से अधिक समय से कंपनी द्वारा मशीनों में कनेक्टिविटी नहीं दी गई और विभाग व सरकार द्वारा कंपनी पर इस विषय को लेकर कोई कार्यवाही भी नहीं की गई। समिति ने अब इस मसले को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में जाने की तैयारी कर ली है और इससे संबंधित सभी दस्तावेज भी तैयार कर लिए हैं। अशोक कवि ने कहा कि डिपो धारकों द्वारा चार वर्षो से नेट पर अपनी जेब से किए गए सारे खर्च का क्लेम भी किया जाएगा। कवि ने कहा कि आम विधानसभा चुनावों से पूर्व प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने डिपो धारकों को सरकार बनने के उपरांत 20, 000मासिक वेतन देने व वन टाईम लाइसेंस की व्यवस्था करने का वायदा भी अपने चुनावी घोषणा पत्र की क्रम संख्या 13 में किया था, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को सत्ता आए करीब ढाई वर्ष का समय हो चुका है वावजूद इसके प्रदेश सरकार डिपो धारकों के साथ किए गए वायदे को पूरा नहीं कर पाई है। कवि ने कहा कि प्रदेश के डिपो संचालकों ने कांग्रेस पार्टी द्वारा घोषित सभी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सरकार बनने के उपरांत आपदा के समय सरकार को समिति ने राहत राशि भी दी। जब सरकार पर संकट आया तो उपचनावों में भी डिपो संचालकों ने तन मन धन से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों की मदद करके उनकी जीत सुनिश्चित की। अब समय सरकार से लेने का है और अब हम अपना हक लेकर रहेंगे।

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