किसान सभा के लगातार आंदोलन के दवाब के बाद जोगिंदर नगर अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर दो डॉक्टर भेजे गए हैं

किसान सभा के लगातार आंदोलन के दवाब के बाद जोगिंदर नगर अस्पताल में प्रतिनियुक्ति पर दो डॉक्टर भेजे गए हैं, जिनमें से एक ने ज्वॉइन भी कर लिया है। बावजूद इसके हिमाचल किसान सभा ने स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने, विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित सभी खाली पदों को भरने, बस किराया वृद्धि व रसोई गैस की कीमतों में की गई वृद्धि को वापस लेने तथा चिट्टे के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की मांग पर हिमाचल किसान सभा ने अपने अभियान को जारी रखा है। हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में मच्छयाल में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर प्रताप ठाकुर, सुरेश शर्मा, जगदीश राणा, पवन कुमार रविंदर, ज्ञान चंद, जगदंबी, उर्मिला देवी, रीता , रेनू, सुमना देवी , कुशमा देवी, शांता देवी सहित बड़ी संख्या में किसानों व स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। 

 

इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज ने कहा डॉक्टरों के रिक्त पद भरने के लिए शुरू किए अभियान को जनता से मिले समर्थन तथा जोगिंदर नगर, चौंतड़ा व अन्य स्थानों पर एक माह में किसान सभा और माकपा के 6 धरने प्रदर्शनों के दबाव में 2 डॉक्टरों को यहां भेजने के आदेश जारी हुए हैं, लेकिन इससे हम संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि सिविल अस्पताल जोगिंदर नगर में विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित खाली पड़े 15 पदों को शीघ्र भरा जाए। दो डॉक्टरों की नियुक्ति भी हमारे एकजुट संघर्ष का नतीजा है।

 

चिट्टे के खिलाफ हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि तथाकथित बड़ी पार्टियों के नेता चिट्टे के तस्करों को अपने साथ घुमाते हैं और फिर रूख देख कर चिट्टे के खिलाफ घड़ियाली आंसू बहाते हैं। चिट्टे के बढ़ते प्रकोप के लिए सरकारों की बेरोजगारी बढ़ाने वाली नीतियां तथा नेताओं और तस्करों की सांठगांठ जिम्मेवार है। हमारी मांग है कि चिट्टे को रोकने के लिए खड़े कदम उठाये जाएं।

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उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार से किसानों की बेदखली रोकने, वन संरक्षण कानून 1980 को रद्द अथवा संशोधन करने,, महंगाई पर रोक लगाने, गैस सिलेंडर की कीमतें कम करने, किसानों की सबसिडी बहाल करने, स्मार्ट मीटर एवं बिजली का निजीकरण रोकने तथा बस किराया वृद्धि वापस लेने की मांग भी की। उन्होंने सड़कों की दुर्दशा सुधारने तथा विभिन्न गांवों में चल रहे पेयजल संकट से निजात दिलाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समाधान के साथ साथ चिट्टे के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा तथा जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन भी शूरू किया जाएगा।

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