हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर में ही उनकी सरकार के अधिकारियों पर जनता के साथ “छल” करने का बड़ा आरोप लगा है। कांग्रेस नेता व केसीसी बैंक चेयरमैन कुलदीप पठानिया ने सरकारी अधिकारियों पर “जिला परिषद वार्ड परिसीमन में गड़बड़ी” करने का आरोप लगाते हुए सनसनीखेज बयान दिया है। पठानिया ने कहा कि यह परिसीमन “किसी षड्यंत्र के तहत” किया गया है और इसमें “जनता के हितों की अनदेखी” की गई है।
पठानिया ने आगे कहा, “अधिकारियों ने राजनीतिक दबाव में आकर या किसी के इशारे पर गलत परिसीमन किया है। बिना किसी पारदर्शिता के 48 किलोमीटर लंबे वार्ड बना दिए गए हैं! क्या यह जनता की सेवा है या फिर किसी खास एजेंडे को पूरा करने की साजिश?” उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों की राय तक नहीं ली गई, जो “लोकतंत्र के लिए चिंताजनक” है।
*मंडी के वार्ड हमीरपुर में? गड़बड़झाले का आरोप*
आरोप है कि मंडी जिले की सीमा से लगे वार्डों को हमीरपुर के परिसीमन में शामिल किया गया है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। इस मामले में भाजपा ने भी सरकार पर निशाना साधा है, जबकि कई पंचायतों ने प्रशासन को “परिसीमन में सुधार” की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है।
पठानिया ने चेतावनी देते हुए कहा कि वह इस मामले को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सामने उठाएंगे और “दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई” की मांग करेंगे। सवाल यह है कि क्या सुक्खू सरकार इस “जनविरोधी साजिश” की जांच करेगी या फिर इसे नजरअंदाज करेगी?
