मतदाताओं के अनुभव को बेहतर बनाने एवं निर्वाचन प्रबंधन को कारगर बनाने के लिए एक बड़े कदम के रूप में भारत निर्वाचन आयोग ने पिछले 100 दिनों में 21 नई पहलें शुरू की है। इस बारे जानकारी देते हुए निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व एसडीएम जोगिंदर नगर मनीश चौधरी ने बताया कि इन उपायों में प्रक्रियागत सुधार प्रशिक्षण कार्यक्रम और हितधारक की सहभागिता शामिल है।
मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने में सुधार के लिए आयोग ने प्रत्येक मतदान केंद्र पर निर्वाचकों की अधिकतम संख्या 1500 से घटाकर 1200 कर दी है। इसी तरह ऊँची इमारतों व कॉलोनीयों में अतिरिक्त मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। निर्वाचक नामावली के उदयतीकरण के लिए मृत्यु पंजीकरण का डेटा सीधे आरजीआई डेटाबेस से प्राप्त किया जाएगा तथा सत्यापन के बाद अद्यतन किया जाएगा। मतदाता सूचना पर्चीयों को और अधिक मतदाता अनुकूल बनाया जाएगा। इसके साथ ही मतदान केंद्र के ठीक बाहर मोबाइल जमा करने की सुविधा रहेगी। इस तरह सीईओ/डीईओ/ईआरओ स्तर पर अखिल भारतीय सर्वदलीय बैठकें आयोजित की गई। राज्य और राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के प्रमुखों के साथ निर्वाचन आयोग की बैठकें की गई। आईआईआईईडीईएम में राजनितिक दलों के बूथ लेवल एजेंटो के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम किए। मत अधियाचन के लिए मानकों में रियायत देते हुए अभ्यर्थीयों व राजनैतिक दलों की पहले के 200 मीटर की बजाए 100 मीटर के बाहर बूथ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। नए एकीकृत डेशबोर्ड की शुरुआत की गई है यह एकल एप्प 40 से अधिक ऐप्स व साइट की जगह लेगा। डुप्लीकेट एपिक नंबर का मुद्दा हल किया गया है।निर्वाचक नामवलियां तैयार करने और चुनावों के आयोजन की पूरी प्रक्रिया में 28 हितधारको की पहचान की गई है जिनमें आयोग द्वारा समय समय पर जारी अनुदेशों के आधार पर निर्वाचक, चुनाव पदाधिकारी, राजनैतिक दल, उम्मीदवार व अन्य शामिल है। इनमें से प्रत्येक हितधारक के लिए आयोग के अधिनियमों, नियमों व अनुदेशों के आधार पर प्रशिक्षण प्रस्तुतियां तैयार की जा रही है।
आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले कौंसिल और सीईओ का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। बीएलओ को मानक फोटो आईडी कार्ड दिया जाएगा। 3500 से अधिक बूथ लेवल पर्यवेक्षकों को पहले ही आईआईआईडीईएम में प्रशिक्षित किया जा चुका है तथा अगले 45 दिनों में लगभग 20 बैचों में करीब 6000 बीएलओ/बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा साथ ही आने वाले वर्षो में 1 लाख बीएलओ पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना है।
