केंद्र ने क्रिटिकल केयर सेंटर के लिए जारी किया 24 करोड़ का वजट, मांगी डीपीआर 

हमीरपुर जिला मे 50 बिस्तरों बाले दो क्रिटिकल केयर सेंटर बनाये जाएंगे! जिला के सिविल हॉस्पिटल बड़सर व सुजानपुर मे क्रिटिकल केयर सेंटर स्थापित होंगे! इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी मिलने के साथ वजट भी उपलब्ध हो गया है! केंद्र ने इन दोनों सेंटरो के निर्माण के लिए 24 -24 करोड़ के करीब वजट भी संबधित विभाग को उपलब्ध करवा दिया है! सुजानपुर सिविल हॉस्पिटल मे इस प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू हो चुकी है जबकि बड़सर हॉस्पिटल मे क्रिटिकल केयर सेंटर का प्रोजेक्ट अभी लटकता दिख रहा है! इसके पीछे कारण जमीन की कमी बताया जा रहा है! हॉस्पिटल की जमीन एक है लेकिन यहाँ केंद्र व प्रदेश से दो प्रोजेक्ट स्वीकृत हुए है ऐसे मे स्वास्थ व लोकनिर्माण विभाग अब इस असमंजस मे फंस गए है कि एक ही जमीन पर दो प्रोजेक्टओं का कैसे निर्माण किया जाए जिसके कारण यहाँ स्वीकृत दोनों मे से एक प्रोजेक्ट के लटकने की आशंका जाहिर हो रही है! दीगर यह है कि विधायक लखनपाल के आग्रह पर केंद्रीय स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा ने क्रिटिकल केयर सेंटर स्वीकृत किया जिसके लिए वजट भी उपलब्ध हो चूका है वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखु ने भी इस सिविल हॉस्पिटल को 100 विस्तर का करने की स्वीकृति प्रदान की है हालांकि अभी प्रदेश सरकार की तरफ से इसके लिए वजट उपलब्ध नहीं हुआ है! लेकिन बिडंबना यह है कि इन दोनों प्रोजेक्टों मे से हॉस्पिटल की जमीन पर एक ही धरातल पर उतारा जा सकता है! अगर दोनों प्रोजेक्टओं को बनाना है तो इसके लिए अतिरिक्त जमीन की जरूरत है जो हॉस्पिटल के पास नहीं है! उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्रिटिकल केयर सेंटर के निर्माण से संबधित डीपीआर उपलब्ध करवाने के दोनों विभागों को निर्देश दिए है! लेकिन असमंजस मे फंसे दोनों विभाग इस कवायद को शुरू तक नहीं कर पा रहे है! लोकनिर्माण विभाग की माने तो इसके बारे फैसला स्वास्थ्य विभाग पर छोड़ा गया है जोभी फैसला होगा उसके हिसाब से आगामी कार्यवाही शुरू कर दी जायेगी! वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी दोनों प्रोजेक्टओं की फाइलों को चीफ कार्यालय कारवाई के लिए भेजा है! स्वास्थ्य विभाग के सूत्र बताते है कि दोनों ही प्रोजेक्टों के लिए हॉस्पिटल की एक ही जमीन को प्रस्तावित किया गया है जिसके चलते अब दिक्कत ख़डी हुई है! अब अगर एक प्रोजेक्ट को डिनोटिफ़ाइड किया जाएगा तभी दूसरे का निर्माण संभव है! ऐसे मे अब यह कहना गलत नहीं होगा कि बड़सर के लिए स्वीकृत दोनों मे से एक प्रोजेक्ट लटक सकता है! 

विशेषज्ञ डाक्टरों व स्टाफ की कमी से जूझ रहे सिविल हॉस्पिटल बड़सर मे क्रिटिकल केयर सेंटर स्थापित होने से विधानसभा क्षेत्र की 52 पंचायतों के लोगों को गंभीर परिस्तिथियों मे स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है! हॉस्पिटल मे

क्रिटिकल केयर सेंटर बनने से जानलेवा चोटों व गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को सीधा लाभ प्राप्त होगा इस सेंटर मे प्रशिक्षित डॉक्टरों, नर्सों और अन्य विशेषज्ञों की एक टीम अति-गहन चिकित्सा और निरंतर निगरानी प्रदान करती है, दिल का दौरा, सांस लेने में गंभीर समस्या या अंग विफलता जैसे मामलों मे मरीजों का इलाज किया जाना है इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार मरीज़ों की जान बचाना और मृत्यु दर को कम करना है।

सिविल हॉस्पिटल की एक ही जमीन पर दो प्रोजेक्टों को मंजूरी मिलने के बाद

असमंजस की स्तिथि पैदा हो गई है! स्वास्थ्य विभाग को इसके बारे स्तिथि स्पष्ट करने बारे

लिखा गया है! जिस भी प्रोजेक्ट को बनाने को लेकर फैसला होगा उस पर काम शुरू कर दिया जायेगा

अधिशाषी अभियंता रविशंकर  लोकनिर्माण विभाग बड़सर सिविल हॉस्पिटल की एक ही जमीन पर केंद्र व प्रदेश सरकार से दो प्रोजेक्टो के लिए मंजूरी  

मिलने के चलते असमंजस की स्तिथि पैदा हो गई है! हॉस्पिटल के पास जमीन एक है और प्रोजेक्ट दो ऐसे मे किस प्रोजेक्ट को बनाया जाना है इसके लिए उच्च कार्यालय को फ़ाइल भेज दी गई है, ऊपर से क्या फैसला आता है उसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है! सुजानपुर सिविल हॉस्पिटल मे क्रिटिकल केयर सेंटर से संबधित प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जा रहा है! इसके लिए ड्राइंग का काम चल रहा है! शीघ्र ही डीपीआर का काम भी शुरू कर दिया जायेगा!